रॉयटर्ज़ के अनुसार, जासूसी मामलों के इस्राईली मंत्री एलि कोहेन का कहना था कि ईरान परमाणु समझौते की बहाली के लिए वियना में जारी कूयनीति के लिए ख़ुद को बाध्य नहीं मानता है।

कोहेन का कहना था कि जो लोग कम समय के हितों के पीछे हैं, उन्हें लम्बी मुद्दत के हितों की परवाह करनी चाहिए।
इस्राईली मंत्री ने दावा किया कि इस्राईल, ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा, ईरान कहीं से भी सुरक्षित नहीं है। हमारे लड़ाकू विमान मध्य पूर्व में कहीं पहुंच सकते हैं, निश्चित रूप से ईरान तक।
ग़ौरतलब है कि इस्राईल पहले ही धमकी दे चुका है कि अगर अमरीका परमाणु समझौते में वापस लौटता है तो वह ईरान पर हमला कर देगा।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर हमले की इस्राईल की धमकियां, गीदड़ भभकियों से ज़्यादा कुछ नहीं है।
ईरान बार-बार यह कह चुका है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूर्ण रूप से शांतिपूर्वक है और उसे परमाणु हथियारों की ज़रूरत नहीं है।
कोहेन ने परमाणु समझौते पर इस्राईल के रुख़ को दोहराते हुए कहा कि एक बुरा समझौता, इस क्षेत्र को युद्ध में धकेल देगा।